अमरनाथ जी यात्रा



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OM NAMAH SHIVAYA!


  • Aarti
  • ॐ जय शिव ॐकारा स्वामी हर शिव ॐकारा

    ॐ जय शिव ॐकारा, स्वामी हर शिव ॐकारा .
    ब्रह्मा विष्णु सदाशिव अर्धांगी धारा ..
    जय शिव ॐकारा ..

    एकानन चतुरानन पंचानन राजे
    स्वामी पंचानन राजे .
    हंसासन गरुड़ासन वृष वाहन साजे ..
    जय शिव ॐकारा ..

    दो भुज चारु चतुर्भुज दस भुज से सोहे
    स्वामी दस भुज से सोहे .
    तीनों रूप निरखते त्रिभुवन जन मोहे ..
    जय शिव ॐकारा ..

    अक्षमाला वनमाला मुण्डमाला धारी
    स्वामि मुण्डमाला धारी .
    चंदन मृग मद सोहे भाले शशि धारी ..
    जय शिव ॐकारा ..

    श्वेताम्बर पीताम्बर बाघाम्बर अंगे
    स्वामी बाघाम्बर अंगे .
    सनकादिक ब्रह्मादिक भूतादिक संगे ..
    जय शिव ॐकारा ..

    कर में श्रेष्ठ कमण्डलु चक्र त्रिशूल धरता
    स्वामी चक्र त्रिशूल धरता .
    जगकर्ता जगहर्ता जग पालन कर्ता ..
    जय शिव ॐकारा ..

    ब्रह्मा विष्णु सदाशिव जानत अविवेका
    स्वामि जानत अविवेका .
    प्रणवाक्षर में शोभित यह तीनों एका .
    जय शिव ॐकारा ..

    निर्गुण शिव की आरती जो कोई नर गावे
    स्वामि जो कोई नर गावे .
    कहत शिवानंद स्वामी मन वाँछित फल पावे .
    जय शिव ॐकारा !!

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