आतंकी संगठन बब्बर खालसा के पांच आतंकी गिरफ्तार


अमृतसर: काउंटर इंटेलीजेंस ने आतंकी संगठन बब्बर खालसा के पांच आतंकियों को गिरफ्तार किया। इनकी पहचान पाल सिंह, कुलवंत सिंह उर्फ राजू, गुरमुख सिंह, जगतार सिंह और दर्शन सिंह के रूप में हुई। इनसे दो एके-47 राइफलें, पांच मैगजीन, 420 जिंदा गोलियां बरामद हुई। इनमें 200 गोलियां तो ऐसी हैं, जो बुलेटप्रूफ गाड़ियों को भेदने की क्षमता रखती हैं।
पुलिस ने खुलासा तो अब किया, लेकिन ‘दैनिक जागरण’ ने 26 जुलाई के संस्करण में इनमें से कुछ आतंकियों के पकड़े जाने का समाचार प्रकाशित कर दिया था।
खुफिया विभाग के स्पेशल आपरेशन सेल के एआईजी मनदीप सिंह ने बताया कि आतंकी सुखदेव सिंह उर्फ सुक्खा चिड़ा के कुछ साथियों के सक्रिय होने और इनके किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने की तैयारी की सूचना पर बीती 25 जुलाई को जालंधर बाइपास पर नाका लगाकर बोलेरो गाड़ी में सवार गुरमुख सिंह और कुलवंत सिंह उर्फ राजू को दबोच लिया। इनसे दो एके-47 राइफलें और गोली-सिक्का बरामद हुए।
पुलिस अधिकारी के अनुसार, इनसे पूछताछ के दौरान पता चला कि पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई ने पंजाब में आतंकी वारदातों को अंजाम देने के लिए हथियारों एवं विस्फोटक सामग्री आरडीएक्स की बड़ी खेप जगतार सिंह के पास भेजी। जगतार ने खेप सुक्खा चिड़ा के नजदीकी साथी नारायण सिंह चौड़ा एवं पाल सिंह को दे दी, जिन्होंने बेरोजगार युवकों को विदेश में नौकरी दिलाने का झांसा देकर अपने साथ मिला लिया और उन्हें हथियार और विस्फोटक पदार्थ दे दिए।
पुलिस ने बीते मंगलवार की रात को कार्रवाई करते हुए पाल सिंह को जालंधर से और जगतार सिंह (गांव थोबा, थाना रमदास, जिला अमृतसर), दर्शन सिंह उर्फ दोधी (गांव धालीवाल, जिला जालंधर) को अमृतसर रेलवे स्टेशन से गिरफ्तार कर लिया। नारायण सिंह चौड़ा अभी फरार है, जिसकी गिरफ्तारी के लिए छापेमारी की जा रही है। उस पर सरकार ने पांच लाख रुपये का इनाम रखा हुआ है। उसके खिलाफ पहले भी आतंकी गतिविधियों में संलिप्तता के 14 मामले दर्ज हैं।
एआईजी मनदीप सिंह के अनुसार, पकड़े गए पाल सिंह के पास फ्रांस की नागरिकता भी है। वह वर्ष 1978 से 1988 तक फ्रांस में रहा है। वह वर्ष 1989, 1998 और 2002 में जत्थे के साथ पाकिस्तान गया था। वहां उसने खालिस्तानी आतंकियों से भेंट की। वापस लौटकर वह नारायण सिंह चौड़ा के साथ मिलकर पंजाब में आतंकियों का नेटवर्क बनाने में भी जुट गया।
पुलिस के दावे के अनुसार, कुलवंत सिंह ने पूछताछ में बताया कि उसने और पाल सिंह ने वर्ष 2009 में राजस्थान के चित्ताौड़गढ़ का दौरा कर संगमरमर के पहाड़ तोड़ने के लिए प्रयोग किए जाने वाले विस्फोटक पदार्थो की जानकारी ली। उनकी योजना राजस्थान से यह विस्फोटक पदार्थ लूटने की भी थी।
परगट की निशानदेही पर छापामारी
अपराध संवाददाता, पटियाला : खालिस्तान लिब्रेशन फोर्स के चीफ आतंकी बख्शीश सिंह बाबा के करीबी रहे परगट सिंह को नाभा बम बरामदगी मामले में काबू करने के बाद पुलिस उसके बताए ठिकानों पर पिछले दो दिनों में लगभग आधा दर्जन ठिकानों पर छापा मार चुकी है, लेकिन उसे विशेष सफलता हाथ नहीं लगी।
नाभा सदर थाने के प्रभारी शमिंदर सिंह के अनुसार, परगट सिंह को वीरवार को दोपहर बाद अदालत में पेशकर पुलिस रिमांड बढ़ाने की मांग की जाएगी।
उधर, पुलिस के हाथ आए परगट के नकली नाम वाले वोटर कार्ड और पासपोर्ट को तैयार करने वालों की पहचान पुलिस परगट की निशानदेही पर कर रही है। हालांकि, वह अभी तक इनको पकड़ नहीं सकी।
दूसरी तरफ, बीते दिनों खन्ना पुलिस द्वंारा गिरफ्तार किए गए लुधियाना शिंगार सिनेमा बमकांड के मुख्य आरोपी हरमिंदर सिंह एवं उसके तीन साथियों गुरजंट सिंह, जसविंदर सिंह व मनजिंदर सिंह को बुधवार को कड़ी सुरक्षा प्रबंधों के बीच अदालत में पेश किया गया। अदालत ने हरमिंदर को ट्रांजिट रिमांड पर भेजने का आदेश दे दिया। इसके बाद हरमिंदर को लुधियाना पुलिस के हवाले कर दिया गया। उसके तीन साथियों को चौदह दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। सीनियर पुलिस कप्तान सुखमिंदर सिंह मान ने पूछने पर सिर्फ इतना ही बताया कि इन लोगों ने पंजाब के कई वीआईपी लोगों को निशाने पर लिया हुआ था

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