मायावती ने मांग की,महंगाई पर चर्चा करायी जाए


Mayawati
लखनऊ: बसपा प्रमुख मायावती ने मांग की है कि संसद में अन्य सभी कार्यो को स्थगित करते हुए महंगाई पर चर्चा करायी जाए।
लखनऊ में बसपा प्रमुख की ओर से जारी एक बयान में कहा गया है कि पूरा देश महंगाई से त्रस्त है और गरीबों का जीवन दूभर हो गया है। केन्द्र सरकार के गैर जिम्मेदाराना रवैये और उसकी गरीब-विरोधी नीति के कारण महंगाई दर बढ़कर 18 प्रतिशत हो गई है, जिसके चलते महंगाई एक राष्ट्रीय समस्या बन गई है। उन्होंने कहा कि बसपा इस गम्भीर मुद्दे पर संसद में विस्तार से चर्चा कराकर महंगाई को रोकने के लिए केन्द्र सरकार को आवश्यक कदम उठाने के लिए मजबूर करेगी।
बसपा प्रमुख ने कहा कि कांग्रेस पार्टी की नेतृत्व वाली केन्द्र की यूपीए सरकार की गलत आर्थिक एवं आयात-निर्यात सम्बंधी नीतियों के साथ-साथ पूंजीपतियों को फायदा पहुंचाने की उसकी नीयत के कारण खाद्यान्नों की कीमतें आसमान छू रही हैं। उन्होंने कहा कि मूल्यों में हो रही लगातार बढ़ोत्तारी के लिए पूरी तरह केन्द्र सरकार जिम्मेदार है। वर्ष 2004 से जब से केन्द्र में यूपीए की सरकार सत्ता में आयी है, तभी से कीमतों में वृद्धि लगातार जारी है। खाद्यान्नों तथा आवश्यक उपभोक्ता वस्तुओं की कीमतों में बढ़ोत्तारी का अनुमान इसी से लगाया जा सकता है कि वर्ष 2004 में वार्षिक थोक मूल्य सूचकांक 184.90 था जो गत वर्ष बढ़कर 237.10 हो गया। थोक मूल्य सूचकांक की बढ़ती प्रवृत्तिको रोकने के लिए केन्द्र सरकार ने कोई कारगर कदम नहीं उठाए।
राष्ट्रीय अध्यक्ष ने कहा है कि केन्द्र सरकार के पास महंगाई पर काबू पाने के लिए न तो कोई नीति है और न ही उनकी नीयत साफ है। प्रधानमंत्री जी ने मई 2010 में अपनी सरकार के पहले साल का लेखा-जोखा पेश करते हुए इस वर्ष दिसम्बर तक महंगाई पर काबू पाने की बात कही थी। इसके अलावा 24 जुलाई को नई दिल्ली में सम्पन्न राष्ट्रीय विकास परिषद की बैठक में प्रधानमंत्री जी ने कीमतों पर काबू पाने की सम्भावना को अच्छे मानसून से जोड़कर इस गम्भीर मुद्दे पर अपनी सरकार की जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ लिया।
बसपा प्रमुख ने कहा कि उनकी पार्टी महंगाई जैसी ज्वलन्त समस्या पर यूपीए सरकार द्वारा कोई ठोस कदम न उठाये जाने पर संसद एवं संसद के बाहर इसका पुरजोर विरोध करेगी। उन्होंने कहा कि संसद में उनकी पार्टी अपनी नीतियों एवं कार्यक्रमों के आधार पर सरकार को कटघरे में खड़ा करेगी।

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