हिमाचल प्रदेश के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति कुरियन जोसेफ का जीवन-परिचय


न्यायमूर्ति कुरियन जोसेफ का जन्म 30 नवम्बर, 1953 में हुआ। उन्होंने सेंट जोसेफ यू.पी. स्कूल, चेंगल, केलाडी, सेंट स्बेस्टिन हाई स्कूल कंजूर, भारत माता कालेज, त्रिकाकारा, श्रीशंकरा कालेज, केलाडी तथा केरल विधि अकादमी के लाॅ कालेज त्रिरुवनंतपुरम से शिक्षा प्राप्त की है।
न्यायमूर्ति कुरियन जोसेफ ने वर्ष 1979 में वकालत आरम्भ की। उन्होंने वर्ष 1977-78 में केरल विश्वविद्यालय के अकादमी परिषद के सदस्य के रूप में कार्य किया। वर्ष 1978 में केरल विश्वविद्यालय संघ के महासचिव तथा वर्ष 1983-85 में कोचीन विश्वविद्यालय के सीनेट सदस्य रहे। उन्होंने वर्ष 1987 में सरकारी अधिवक्ता के रूप में काम किया और वर्ष 1994-96 में अतिरिक्त महाधिवक्ता रहे। वे वर्ष 1996 में वरिष्ठ अधिवक्ता नामित किए गए तथा वर्ष 1996 में कोटायम महात्मा गंाधी विश्वविद्यालय के इंडियन लीगल थाॅट के बोर्ड आॅफ स्टडीज के सदस्य रहे। उन्होंने वर्ष 2006-08 में केरल न्याय परिषद् के अध्यक्ष के रूप में कार्य किया तथा वर्ष 2006-09 में केरल उच्च न्यायालय विधि सेवाएं समिति के अध्यक्ष रहे। वे वर्ष 2008 में लक्ष्यद्वीप विधि सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष रहे तथा केरल राज्य विधि सेवाएं प्राधिकरण के कार्यकारी अध्यक्ष के तौर पर कार्य किया।
न्यायामूर्ति कुरियन ने भारतीय विधि संस्थान केरल शाखा के अध्यक्ष, भारतीय विधि रिपोर्टस (केरल सीरीज) के अध्यक्ष तथा भारतीय उच्च विधि अध्ययन विश्वविद्यालय (एनयूएएलएस) के कार्यकारी सदस्य के तौर पर भी कार्य किया।
न्यायमूर्ति कुरियन जोसेफ 12 जुलाई, 2000 से केरल उच्च न्यायालय के न्यायधीश रहे। उन्होंने 14 मार्च, 2009 से 17 मार्च, 2009 तक केरल उच्च न्यायालय के कार्यकारी मुख्य न्यायाधीश के तौर पर कार्य किया।

Leave a Reply


( Not More than 200 words)