रिंग रेल परियोजना के लिए केन्द्रीय रेल मंत्री से मुख्यमंत्री ने चर्चा की


शिमला हिमाचल प्रदेश सरकार तथा रेल मंत्रालय पहाड़ों की रानी शिमला में बेहतर रेल सेवाएं उपलब्ध करवाने के लिए ‘रिंग रेल परियोजना’ स्थापित करने की संभावनाओं का पता लगाएगी। इस बात पर मुख्यमंत्री प्रो. प्रेम कुमार धूमल तथा केन्द्रीय रेल मंत्री सुश्री ममता बैनर्जी के मध्य आज नई दिल्ली में एक बैठक में सहमति हुई।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हिमाचल प्रदेश में रेल नेटवर्क को सुदृढ़ करने के लिए विचार-विमर्श के दौरान रेल मंत्री सुश्री ममता बैनर्जी ने शिमला शहर के लिए इस तरह की रिंग रेल परियोजना की संभावनाओं का पता लगाने का सुझाव दिया और वह इस विचार से पूर्ण रूप से सहमत हुए तथा कहा कि परियोजना की तकनीकी एवं वित्तीय व्यवहारिकता का अंतरराष्ट्रीय स्तर की परामर्श सेवा फर्म से विस्तृत सर्वेक्षण कर पता लगाया जाएगा। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार इस उद्देश्य के लिए केन्द्रीय रेल मंत्रालय को सभी तकनीकी एवं अधोसंरचना सहयोग उपलब्ध करवाएगा। उन्होंने कहा कि इस परियोजना से जहां लोगों को बेहतर रेल सेवा उपलब्ध होगी, वहीं विख्यात पहाड़ी स्थलों में वर्ष भर विश्व भर के पर्यटकों को आकर्षित किया जा सकेगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि रेल मंत्रालय कार्य के पूर्ण होने पर ऊना जिले के अम्ब तक रेल सेवाओं को विस्तार देगा। उन्होंने कहा कि रेल मंत्री ने यह आदेश संबंधित अधिकारियों को दिए तथा आशा व्यक्त की कि अगले वित्त वर्ष में ऊना जिले के अम्ब तक रेल सेवाएं उपलब्ध हो जाएंगी। उन्होंने रेल मंत्री सुश्री ममता बैनर्जी से ऊना से हरिद्वार सीधी रेल सेवा आरंभ करने का आग्रह किया, ताकि विभिन्न धार्मिक उद्देश्यों के लिए पवित्र शहर हरिद्वार जाने के लिए हिमाचली श्रद्धालुओं को सुविधा उपलब्ध करवायी जा सके।

प्रो. धूमल ने भानूपल्ली-बिलासपुर-बैरी रेल मार्ग को निर्धारित समयावधि में पूरा करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि उनके आग्रह पर रेल मंत्री ने अधिकारियों को इस वित्त वर्ष के लिए इस परियोजना के लिए आबंटित समुचित बजट प्रावधान को व्यय करने तथा परियोजना के निर्माण के लिए भू-अधिग्रहण का कार्य आरंभ करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इस वित्त वर्ष के दौरान इस परियोजना पर 45 करोड़ रुपये व्यय किए जाएंगे, जिसमें से प्रदेश सरकार द्वारा 25 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है, जबकि 20 करोड़ रुपये रेल मंत्रालय द्वारा आबंटित किए गए हैं।
मुख्यमंत्री ने सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण मनाली-लेह रेल मार्ग का निर्माण का भी आग्रह किया तथा सुझाव दिया कि सरकारी एजेंसियों के अतिरिक्त विख्यात अंतरराष्ट्रीय परामर्श फर्मों को इस महत्वपूर्ण परियोजना के तीव्र एवं समय पर कार्यान्वयन के लिए शामिल किया जाना चाहिए।
रेल बोर्ड के अध्यक्ष श्री एस.एस. खुराना बोर्ड के अन्य सदस्य, रेल मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी भी बैठक में उपस्थित थे।

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