श्रम विभाग की अनदेखी से खुलेआम उड़ रही हैं बाल श्रम कानून की धज्जियाँ ,श्रम विभाग रोता है अभियान का रोना


बाराबंकी: बच्चे जिन्हें देश का आने वाला भविष्य कहा जाता है और जिन्हें पढ़ा लिखा कर होनहार बनाने के लिए केंद्र व प्रदेश सरकार प्रतिवर्ष करोड़ो रुपये खर्च करती है मगर यह सारी योजना विभागों के कर्मचारियों और जिम्मेदार अधिकारियो की वजह से सफल नहीं हो पाती हैं | जनपद में बल श्रम रोकने को पूरा अमला नियुक्त है मगर फिर भी उन्हें न तो खुलेआम जूठे बर्तन धोते बच्चे नजर आते हैं और न ही मासूमियत, जबकि बल श्रम रोकने का दम भरने वाले इन अधिकारियो के कार्यालय के बाहर खुद बच्चे काम करते देखे जा सकते हैं, यही नहीं रेलवे स्टेशन के आस पास भीड़ भरे इलाके में भी खुलेआम काम करते बच्चो पर भी उनकी नजर नहीं पड़ती जानकारी करने पर इनके द्वारा अभियान और शिकायत का रोना रो दिया जाता है वे साफ़ कहते हैं की जब कोई अभियान आएगा या कोई इस तरह की शिकायत करेगा तब ही हम छापा मारेंगे यह हमारे लिए लिए आदेश है | श्रम विभाग की इसी लापरवाही का फ़ायदा उठाकर आज हर गली हर चौराहे पर खुलेआम यह दुकानदार चंद पैसे बचाने के लिए बच्चो मासूमियत को कुचल रहे हैं | यदि इसी तरह समाज में फैली इस कुरीति को दूर करने को जिम्मेदार यह अधिकारी और कर्मचारी देखकर भी आँख बंद कर लेंगे तो इस देश का आने वाले भविष्य की तस्वीर क्या होगी —–रिपोर्टर -दीपक निर्भय , विशेष संवादाता

विशेष संवादाता

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