मुख्यमंत्री द्वारा मनरेगा के अंतर्गत स्कूल जल संग्रहण योजना का शुभारंभ


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शिमला: मुख्यमंत्री प्रो. प्रेम कुमार धूमल ने राज्य के प्रत्येक नागरिक का आह्वान किया कि वे प्रदेश को इस वर्ष के अंत तक खुला शौचमुक्त ‘निर्मल हिमाचल’ बनाने में अपना महत्वपूर्ण योगदान दें। मुख्यमंत्री आज मण्डी के ऐतिहासिक पड्डल मैदान में ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग द्वारा सम्पूर्ण स्वच्छता अभियान के अंतर्गत आयोजित राज्यस्तरीय ‘निर्मल ग्राम पुरस्कार-2009’ कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने सभी शिक्षण संस्थानों में महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना के अंतर्गत महत्वाकांक्षी ‘स्कूल जल संग्रहण योजना’ का शुभारंभ किया जिसके तहत सम्पूर्ण स्वच्छता अभियान के हिस्से के रूप में वर्षा जल संग्रहण अधोसंरचना का निर्माण भी किया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने राज्य की 253 ग्राम पंचायतों को ‘निर्मल ग्राम पुरस्कार-2009’ प्रदान किए। मण्डी जिले की 125 ग्राम पंचायतें, कांगड़ा जिले की 29, शिमला जिले की 23, हमीरपुर जिले की 25, सोलन जिले की 15, सिरमौर जिले की 13, चंबा जिले की 7, बिलासपुर जिले की 8, कुल्लू, लाहौल-स्पिति प्रत्येक जिले की 3-3, ऊना तथा किन्नौर जिलों प्रत्येक की 1-1 ग्राम पंचायतों को 50 हजार रुपये से 5 लाख रुपये तक के नकद पुरस्कार, प्रशस्ति पत्र एवं स्मृतिचिन्ह प्रदान किए गए।
प्रो. धूमल ने कहा कि 2097 ग्राम पंचायतें जनवरी, 2010 तक सम्पूर्ण निर्मल पंचायतें बन कर उभरी हैं तथा इस वर्ष के अंत तक राज्य सम्पूर्ण स्वच्छता के लक्ष्य को हासिल कर लेगा। उन्होंने कहा कि अस्वच्छता के चलते अनेक प्रकार के रोग पैदा होते हैं, जो स्वस्थ समाज को प्रभावित करते हैं। उन्हांेने कहा कि सम्पूर्ण स्वच्छता से समूचा समाज सुदृढ़ एवं स्वस्थ बनेगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सम्पूर्ण स्वच्छता अभियान के लक्ष्य को लोगों एवं गै़र-सरकारी संगठनों की सक्रिय भागीदारी से प्राप्त किया जाएगा, ताकि हिमाचल प्रदेश को सही मायनों में ‘देवभूमि’ बनाया जा सके। उन्होंने कहा कि प्रत्येक जन प्रतिनिधि को इसमें अपना महत्वपूर्ण योगदान देने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार जन प्रतिनिधियों को उनके संबंधित क्षेत्रों में सम्पूर्ण स्वच्छता अभियान के कार्यान्वयन में योगदान के लिए राज्य स्तरीय समारोह में सम्मानित करेगी।
प्रो. धूमल ने कहा कि प्रदेश सरकार ने निचले स्तर पर जन प्रतिनिधियों के मानदेय में वृद्धि की है तथा उन्हें अतिरिक्त प्रोत्साहन दिया जा रहा है, ताकि वे अपने कार्यों को और अधिक समर्पण और जिम्मेदारी से पूरा कर सकें। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार नगर निगम के महापौर, नगर समितियों, परिषदों एवं नगर पंचायतों के अध्यक्षों, उपाध्यक्षों के सीधे चुनाव पर विचार करेगी, ताकि मतदाता अपने नेता का चयन अपनी इच्छानुसार कर सकें और शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों मंे निचले स्तर पर लोकतंत्र को और सुदृढ़ किया जा सके। उन्होंने कहा कि लोगों की इच्छा का सम्मान किया जाना चाहिए।
प्रो. धूमल ने विजेता ग्राम पंचायतांे से आग्रह किया कि वे पड़ोसी पंचायतों को भी निर्मल ग्राम पंचायत बनने के लिए पे्ररित करें। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने ग़रीबी रेखा से नीचे रह रहे परिवारों के लिए स्वास्थ्य बीमा योजना आरंभ की है, जिसके अंतर्गत 30 हजार रुपये तक का स्वास्थ्य बीमा छत्र प्रदान किया जा रहा है, जबकि ऐसे परिवार के गंभीर रूप से बीमार व्यक्ति को 1.75 लाख रुपये का अतिरिक्त स्वास्थ्य छत्र प्रदान किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सभी लक्षित परिवारों को स्वास्थ्य बीमा कार्ड प्रदान किए जाएंगे तथा प्रदेश सरकार योजना के अंतर्गत प्रत्येक लक्षित परिवार को स्वास्थ्य बीमा कार्ड जारी करने के लक्ष्य को हासिल करने वाली ग्राम पंचायतों को पुरस्कृत करेगी। उन्होंने जन प्रतिनिधियों से आग्रह किया कि समाज की बेहतरी के लिए पुरूष महिला लिंगानुपात बनाए रखने में सहयोग करें।
ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री श्री जयराम ठाकुर ने मुख्यमंत्री का स्वागत करते हुए राज्य की 253 ग्राम पंचायतों को निर्मल ग्राम पुरस्कार प्रदान करने के लिए आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि इससे शेष पंचायतें भी वर्षांत तक सम्पूर्ण स्वच्छता के लक्ष्य को हासिल करने के लिए प्रोत्साहित होंगी। उन्होंने कहा कि ग्रामीण सशक्तिकरण एवं विकास राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है तथा प्रदेश सरकार हिमाचल को निर्मल राज्य बनाने के लिए सम्पूर्ण स्वच्छता अभियान को प्रभावी तरीके से कार्यान्वित कर रही है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक घर, शिक्षा संस्थान एवं सामुदायिक केन्द्रों को शौचालय निर्माण के लिए प्रेरित किया जा रहा है।
श्री ठाकुर ने कहा कि प्रदेश में स्कूल स्वच्छता पुरस्कार योजना कार्यान्वित की जा रही है तथा सम्पूर्ण स्वच्छता के लक्ष्य को हासिल करने वाले शिक्षा संस्थान को पुरस्कृत किया जाएगा, जिसके लिए पुरस्कार के रूप में 62 लाख रुपये दिए जाएंगे। उन्होंने कहा कि 253 ग्राम पंचायतों को निर्मल ग्राम पंचायत घोषित किया गया है तथा इन्हें 3.64,50,000 रुपये की नगद राशि दी जा रही है।
श्री जयराम ठाकुर ने कहा कि मनरेगा के अंतर्गत गत वर्ष 351 करोड़ रुपये व्यय किए गए तथा इस वित्त वर्ष के दौरान 450 करोड़ रुपये व्यय करने का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने कहा कि वर्षा जल संग्रहण के लिए वाॅटरशैड परियोजना के अंतर्गत 305 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं। उन्होंने कहा कि इससे वर्षा जल संग्रहण में सहायता मिलेगी, जिसे अनुपयोगी गतिविधियों में उपयोग किया जा सकता है।
मंत्री ने विजेता ग्राम पंचायतों को बधाई दी तथा शेष पंचायतों से अपील की कि वे सम्पूर्ण स्वच्छता का लक्ष्य हासिल करने का प्रयास करें।
सचिव ग्रामीण विकास श्री आर.डी. धीमान ने मुख्यमंत्री का स्वागत किया तथा निर्मल ग्राम पुरस्कार के विभिन्न घटकों की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने कहा कि राज्य में ग्राम पंचायतों, शिक्षण संस्थानों एवं महिला मंडलों के माध्यम से महर्षि वाल्मीकि स्वच्छता योजना भी कार्यान्वित की जा रही है, जिन्हें 10 हजार रुपये से 25 हजार रुपये तक के पुरस्कार से लाभान्वित किया जा रहा है।
निदेशक ग्रामीण विकास श्री आर.एन. बत्ता ने धन्यवाद प्रस्ताव प्रस्तुत किया तथा सभी ग्राम पंचायतों से अपील की कि राज्य को वर्षांत तक सम्पूर्ण स्वच्छ बनाने में अपना महत्वपूर्ण योगदान दें।
विधायक श्री रूप सिंह ठाकुर, विधायक एवं मण्डी जिला भाजपा अध्यक्ष श्री दिलेराम, विधायक श्री हीरा लाल तथा श्री अनिल शर्मा, पूर्व विधायकगण, जिला परिषद अध्यक्ष श्री बलदेव सैनी, मिल्कफैड के अध्यक्ष श्री मोहन जोशी, हि. प्र. राज्य नागरिक आपूर्ति निगम के उपाध्यक्ष श्री रामस्वरूप शर्मा, ए.पी.एम.सी. हमीरपुर के अध्यक्ष श्री प्यारे लाल शर्मा, भारतीय जनता युवा मोर्चा के अध्यक्ष श्री राकेश जमवाल, नगर समिति मण्डी के अध्यक्ष श्री हेमन्त वैद्य, मंडलीय आयुक्त श्री अश्वनी कपूर, उपायुक्त श्री अमनदीप गर्ग, पुलिस अधीक्षक श्री सोनल अग्निहोत्री, विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी तथा क्षेत्र के गणमान्य व्यक्ति भी इस अवसर पर उपस्थित थे।

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