News In the ‘ Religious ’ Category

उत्तर प्रदेश: राममंदिर के लिए माहौल बनाने के प्रयास तेज, SMS की धूम

September 6th, 2010


लखनऊ: अयोध्या में भगवान श्रीराम का भव्य मंदि निर्माण देशभर में जनजागरण करने तथा अनुकूल वातावरण बनाने के लिए विहिप का ‘‘हनुमत शक्ति जागरण’’ अभियान जोरों से जारी है। यह अभियान 16 अगस्त से शुरू हुआ था तथा 17 दिसम्बर तक जारी रहेगा।
विहिप के मीडिया प्रभारी शरद शर्मा ने बताया कि देशभर के लगभग दो लाख गांवों, 10 लाख मंदिरों में हनुमान आराधन तथा हनुमान चालीसा का वितरण किया जा रहा है।


श्रीगणेश चतुर्थी महोत्सव 11 से 22 सितंबर

September 3rd, 2010


श्रीगणेश चतुर्थी महोत्सव 11 से 22 सितंबर तक धूमधाम से मनाया जाएगा। यह जानकारी देते हुए धर्मप्रेमी सुमित, कमल, अनिल, अंकित, गगन, अकुंश व ललित ने बताया कि पिछले वर्ष की भांति इस बार भी युवाओं में गणेश महोत्सव को लेकर भारी जोश है।


शिकोहाबाद: कृष्ण जन्मअष्टमी के शुभ अवसर पर भव्य फूल बंगला सजाया

September 1st, 2010

 नगर के प्राचीन मंदिर ठाकुर जी महाराज स्थित पक्का तालाब पर एक बैठक का आयोजन किया गया। जिसमें श्री कृष्ण जन्मअष्टमी के शुभ अवसर पर दो सितम्बर को मंदिर पर भव्य फूल बंगला सजाया जायेगा। पं रामरतन शर्मा के अनुसार प्रातः पांच बजे मंगल आरती, शायं 6 बजे से रात्रि 12 बजे तक भक्तगण श्री [...]


कुरान का संसार

August 31st, 2010

रमजान के पावन महीने में देहरादून में लगा है कुरानो का संसार, यहां मुगल बादशाह औरंगजेब की लिखी कुरान भी है, तो पांच साला कश्मीरी बच्चे की लिखी भी। सौ से साढ़े सात सौ साल पुरानी कुरान यहां नमुदार हो रही है। आप पौने दो इंच की कुरान के साथ ही साढ़े उन्नीस इंच लंबी


पहला रोजा आज

August 12th, 2010

दिल्ली: राजधानी में बुधवार शाम तेज बारिश में आसमान साफ नहीं होने की वजह से रमजान के चांद की घोषणा शहादत के आधार पर हो सकी। इसकी घोषणा जामा मसजिद के शाही इमाम मौलाना सैयद अहमद बुखारी और सुन्नी मर्कजी कमेटी रुयते हिलाल मसजिद फतेहपुरी के अध्यक्ष मुफ्ती-ए-आजम हजरत मुहम्मद मियां समर देहलवी ने अलग-अलग की। बृहस्पतिवार को पहला रोजा है


यश, वैभव व मोक्ष दायिनी है महाशिवरात्रि

August 10th, 2010

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पं. ब्रजेश शुक्ल ने बताया शिवरात्रि उपासना का विधि विधान
इटावाः पं.ब्रजेश शुक्ल ने परम पुनीत महाशिवरात्रि की कल्याणमयी महिला का मार्मिक वखान किया। श्रृद्धालुओं को संबोधित करते हुए षिव भक्त पं. ब्रजेश शुक्ल ने कहा कि महाशिवरात्रि पर की जाने वाली भगवान नीलकंठ सदाशिव की व्रतोयासना तत्काल यश वैभव और मोक्ष प्रदान करने वाली है। उन्होंने कहा कि केवल भाव के भूखे भोलेनाथ सच्चे मन से स्मरण करने मात्र से ही प्रसन्न हो जाते हैं।


सावन का सोमवार

August 9th, 2010

सावन का सोमवार है ! देश भर के मंदिरों में आज शिवभक्तो का ताँता लगा हुआ है ! गाज़ियाबाद के प्राचीन दूधेश्वर नाथ मंदिर में आज सुबह से करीब डेढ़ लाख शिवभक्त अपनी श्रद्धा का जलाभिषेक कर चुके है ! इस मंदिर की मान्यता रावण के वक्त की है ! कहते है रावण ने अपने दस शीशो में से एक शीश दूधेश्वर नाथ मंदिर में ही चढ़ा दिया था ! रावण के पिता ने भी इसी मंदिर में पूजा की थी !


विश्वविख्यात कल्पवृक्ष पारिजात दुर्दशा की वजह से हो रहा है बीमार

August 9th, 2010

बाराबंकी: हमारे देश भारत का इतिहास अनेक प्राचीन गाथाओं से भरा पड़ा है| किस्से कहानियों में भी ऐसी कई किविदंतियों का वर्णन है जिन पर सहज ही विश्वास करना कठिन हो जाता है | ऐसी ही एक गाथा है “पारिजात”नामक कल्पवृक्ष की जिसका वर्णन पौराणिक गाथाओं और हरिवंश पुराण में भी मिलता है | कहा जाता है की इस वृक्ष के नीचे खड़े होकर जो भी वरदान माँगा जाता है वह पूरा होता है | उत्तर प्रदेश का जनपद बाराबंकी यहाँ जिला मुख्यालय से ४० किलोमीटर दूर एक गाँव है जिसका नाम बरौलिया इसी जगह पर है वह पारिजात वृक्ष जिसे लोग प्राचीन समय से पूजते चले आ रहे हैं |


जूते खाने वाली मजार की दास्तान

August 9th, 2010

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मस्जिद या मजार में हमेशा इबादत नतमस्तक हो कर की जाती हैं, लेकिन क्या ऐसी भी मजार देखी हैं आपने,जिसकी इबादत जूते या चप्पल मारकर की जाती हो तो आईये हम लेकर चलते है आपको ऐसी मजार के पास।यह मजार कहीं और नहीं उत्तर प्रदेश के इटावा शहर से पांच किलोमीटर दूर दतावली गांव के पास एक खेत में स्थिति है. इटावा बरेली राजमार्ग पर स्थिति यह मजार आम आदमी के लिये आज के वैज्ञानिक युग में अजीबोगरीब समझी जा रही हैं, इस मजार को चुगलखोर की मजार के नाम से पुकारा जाता है.इस नाम चुगलखोर कैसे पडा ? इसका सही सही तो किसी को पता नहीं है लेकिन इटावा में कहा जाता है कि इटावा और अटेर के राजा के बीच युद्ध कराने को लेकर राजा को अपने एक सेवक पर शक हुआ और राजा ने इसे पकडवा कर इतना जूते और चप्पलो से पिटवाया कि उसकी मौत हो गयी बाद में इसकी याद में राजा ने एक मजार का निर्माण कराया गया जिसे आज चुगलखोर की मजार के नाम से पुकारा जाता है,राजा ने इस शख्स को चुगलखोरी की जो सजा दी उसका अनुसरण आज भी बदस्तूर जारी है, इस मार्ग से गुजरने वाला हर शख्स पांच जूते या फिर पांच चप्पल मारने की अवघारणा चली आ रही हैं, कहा जाता है ऐसा करने से यात्रा सफल होती है और वो शख्स हर अनहोनी से बच सकता है लेकिन ऐसा नहीं है कि बिना जूते या चप्पल मारने से किसी को भी नुकसान नही हुआ हैं


आध्यात्मिकता एवं विवादमुक्त भारत

August 8th, 2010

फिरोजाबाद:जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के तत्वावधान में प्रजापति ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय की जनपद इकाई व्दारा यहॉं जनपद न्यायालय प्रांगण में आध्यात्मिकता एवं विवादमुक्त भारत विषय पर आयोजित संगोष्ठी में वक्ता एकमत रहे कि आध्यात्मिक सोच वाला व्यक्ति न तो कोई गलत कार्य करेगा न किसी अन्य को ऐसा करने के लिए उकसायेगा। इसके विपरीत वह [...]


दिल्ली-हरिद्वार नैशनल हाइवे को ट्रैफिक के लिए 8 अगस्त तक बंद

August 1st, 2010

गाजियाबाद: कांवड़ यात्रियों की सुरक्षा के मद्देनजर जिला प्रशासन ने शनिवार से दिल्ली-हरिद्वार नैशनल हाइवे को ट्रैफिक के लिए 8 अगस्त तक बंद कर दिया है। गाजियाबाद, मोहन नगर और मोदीनगर होते हुए हरिद्वार जाने वाला हाइवे श्रद्धालुओं की भारी भीड़ के चलते आठ दिनों तक बंद रहेगा। हरिद्वार से दिल्ली आने-जाने वाली बसें सहारनपुर [...]


बिना सावधानी व्रत रखना खतरनाक

August 1st, 2010

दिल्ली: डायबीटीज या हाइपरटेंशन के मरीज हैं तो नवरात्र के दिनों में भी नो फास्ट, नो फीस्ट के फॉर्म्युले को याद रखें, क्योंकि बिना सावधानी व्रत रखना खतरनाक हो सकता है। एक्सपर्ट्स का कहना है कि भारतीयों का मेटाबॉलिक सिस्टम थोड़ा-थोड़ा और कम से कम तीन बार खाने का आदी होता है। ऐसे में ज्यादा [...]


शिव खोडी गुफा

August 1st, 2010

पुराणों में शिव खोडी गुफा का उल्लेख किया गया है। मान्यता है कि एक भक्त ने शिव को प्रसन्न करने के लिए बडी तपस्या की। उसकी तपस्या का उद्देश्य शिव को प्रसन्न कर अपने लिए अमरत्व प्राप्त करना था। शिव ने प्रसन्न होकर उससे वर मांगने के लिए कहा। उसने वरदान मांगा कि तीनों लोकों [...]


महाकालेश्वर का वास है उज्जयिनी में

August 1st, 2010

शिप्रानदी के किनारे बसी है उज्जयिनी। यह भारतवर्ष के महत्वपूर्ण प्राचीन नगरों में से एक है। उज्जयिनी शब्द का अर्थ है विजयनी। कहते हैं कि यदि यहां की तीर्थयात्रा की जाती है, तो विजय का भाव प्राप्त होता है। उज्जयिनीको प्राचीन ग्रन्थों में अवंतिका के नाम से पुकारा गया है। अवंतिका का शाब्दिक अर्थ है-सबकी [...]


कन्या पूजन क्यों और कैसे

July 31st, 2010

पंडित के मुताबिक नवरात्रों में प्रतिदिन दस वर्ष तक की कन्या की पूजा करनी चाहिए। क्योंकि शास्त्रों में दो वर्ष की कन्या को कौमारी, तीन वर्ष की त्रिमूर्ति, चार वर्ष की कल्याणी, पांच की रोहिणी, छह वर्ष की कालिका, सात वर्ष तक की चंडिका, आठ वर्ष तक की शाम्भवी और नौ वर्ष की कन्या दुर्गा [...]