बाराबंकी: उधोगपतियों के कारखानों से होकर गरीबों के घर तक पहुचने वाला खाद्य तेल आज मिलावट और घटतौली का शिकार होता जा रहा है बड़े शहरों से निकलकर छोटे कस्बों में नकली सरसों के तेल की सप्लाई का खेल किस तरह चल रहा है,इसका अंदाजा खाद्य और औषधि विभाग की टीम द्वारा बाराबंकी में एगमार्क ब्रांड वाली और सन १९४५ से खाद्य तेल बना रही हिंद वेजआयल द्वारा पैक किये गए 150 टीन सरसों के तेल के बरामदगी से हो जाता है / प्रदेश की राजधानी में स्थित कारखाने से निकलकर जब यह तेल रुदौली के एक व्यापारी के वह ले जाया जा रहा था तभी सूचना पाकर औषधि विभाग की टीम ने मुख्य खाद्य निरीक्षक विनीत पाण्डेय की टीम ने अपर जिलाधिकारी देवेन्द्र पाण्डेय के निर्देशन में धर पकड़ा / जीप में लदे इन 150 डिब्बो की जाँच की तो इसमें नियमानुसार असली भार से अधिक खाद्य तेल निकला / इस मामले में कई अन्य बाते सामने आई हैं जिससे इस टीनों के तेल का मिलावटी होना प्रतीत होता है / जैसे की इन टीनों में निर्धारित मात्रा से लगभग डेढ़ किलो तेल ज्यादा पैक है,दूसरी तरफ नियमानुसार खाद्य तेल को हमेसा नए डिब्बे और टीन में पैक करने का प्राविधान है जिसकी अनदेखी कर काफी डिब्बे जिनमे बाबर्ची और झूला वनस्पति जैसी दूसरे ब्रांड के हैं उसमे हिंद ब्रांड के खाद्य तेल को पैक किया गया है / अब इस मामले में जाँच के बाद क्या सामने आता है यह अलग बात है मगर इतना जरूर है की हम जाने अनजाने में खाने की वस्तुओ के रूप में लगातार मिलावटी चीजे खा रहे हैं
——रिपोर्टर -दीपक निर्भय , विशेष संवादाता

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